मुझे भली भांति याद है 15 अगस्त 2007 का वह प्रेरक दिन ! हम 10-12 AID-Prayas के साथी "नई दिशा फ्री एजुकेशन सोसाईटी " के स्वतन्त्रता दिवस समारोह में शिरकत हुए ! कह सकते हैं की विचारों और दृष्टीकोण के जो बीज तब बोए गए थे वो आज "15 अगस्त 2009" के दिन पुलकित होकर सामने आये !

आज अचानक से मुझे मंच से बुलाया और विकास ,सेल्वा , निखिल ,राजीव ,और आनन्द ने मुझसे भी इस बात पर सहमति चाही की "अगले एक वर्ष में हम नई दिशा के सामान एक स्कूल स्थापित करेंगे " ! यधपि हम कई दिनों से इस विचार पर मंथन कर रहे थे पर अचानक से यह प्रतिबद्धता व्यक्त करना मेरे लिए थोडा सा कठिन तो था मगर "प्रयास " के साथ मेरे तकरीबन ३ वर्षों के सम्बंध ने इतना जरूर सिखाया है कि
" लक्ष्य निर्धारित करो ,उस दिशा में ईमानदार
कोशिश करो ,लक्ष्य जरूर हासिल होगा "
आज के हमारे स्वतन्त्रता दिवस समारोह के पीछे राज ,लिंकन ,चारू ,रजत,राजीव,विकास ,सेल्वा ,आनंद (भाई :) ) के महत्त्वपूर्ण कोशिशें तो थी ही वरन बच्चों की भरसक मेहनत भी थी ! और उसका यह असर था कि आज का यह दिन सबसे यादगार "समारोह " बन गया ! चाहे बच्चों का नृत्य यो या गीत-संगीत सबकुछ बहुत मोहक था ! पुरे समारोह में सबसे मुख्य आकर्षण "नई दिशा के संस्थापक " कैप्टन जायसवाल ,कर्नल जीता राम जी ,प्रिंसिपल मैडम और उनके सहयोगी थे ! हम जब भी इन लोगों के संघर्ष के अनुभवों को सुनते हैं तो प्रेरित होना स्वाभाविक है !

"प्रयास " परिवार के सदस्यों ने आयोजन स्थल को बड़ी मेहनत से तिरंगे के तीन खूबसूरत रंगों में रंग दिया था ! सारे volunteers इस समारोह के सफल आयोजन के लिए भागीदार रहे !
मैं व्यक्तिगत रूप से इतना कहना चाहता हूँ कि "प्रयास परिवार " के पास युवा ऊर्जा का जितना भण्डार है अगर हम सब मिलकर इस ऊर्जा का सर्वश्रेष्ट उपयोग कर सकें तो "कम से कम हम इस "कम्युनिटी" के हर एक बच्चे को शिक्षा पाने की स्वाधीनता प्रदान कर सकते हैं "
और सही मायनों में यही हमारी और इन बच्चों की असली स्वाधीनता होगी!
जय हिंद !!
दर्शन मेहरा